संक्षिप्त परिचय

 

“संघर्ष ही जीवन है” इस महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, इस नगर के प्रतिष्ठ शिक्षाविद् उदीयमान, व्यापारीयों ने इस ग्रामीण अंचल में घर-घर में शिक्षा का प्रसार के पावन उदेश्य से महर्षि द्घीची एजुकेशन सोसाइटी ने 11 फरवरी सन् 2008, दिन सोमवार को इस विद्या मंदिर की स्थापना की | इस पुण्य कार्य के लिए शहर के प्रतिष्ठ व्यापारीयों एवं शिक्षाविदों ने सहयोग प्रदान कर इस महाविद्यालय की नीवं रखी |

इस महाविद्यालय ने सन् 2008 में बी0 कॉम0 एवं बी0 सी0 ए0 की शिक्षा प्रारम्भ की और 2011 से बी0 बी0 ए0 शुरु किया गया | अगले वर्ष एम0 कॉम0, बी0 एड0 तथा बी0 ए0 पाठ्यक्रम की शुरुआत होने जा रही है | यह शिक्षा सदन सुव्यवस्थित शिक्षा प्रदान कर जनता की सेवा कर रहा है |

वर्तमान स्वरूप में स्थित महाविद्यालय का निर्माण प्रबंधतन्त्र के द्वारा कराया गया है तत्पश्चात यह निरन्तर प्रगति पर अग्रसर है | इसकी कंप्यूटर प्रयोगशालायें आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है | यहाँ पुस्तकालय, वाचनालय, क्रीडा सामग्री एवं अन्य सभी सुविधाये उपलब्ध है | यहाँ

 सैन्य प्रशिक्षण (एन0 सी0 सी0) एवं (एन0 एस0 एस0) इसी सत्र से प्रारम्भ करने की योजना है | प्राचार्य सहित प्रवक्ता पद पर कार्यरत समस्त शिक्षक सुयोग्य, परिश्रमशील तथा कर्तव्य परायण है | अत: इसका परीक्षाफल सदैव उत्कृष्ट रहता है | यही कारण है कि शिक्षा के विभागीय अधिकारियों तथा आगुन्तको ने मुक्त कन्ठ से इसकी प्रशंसा की है |

महाविद्यालय प्रबन्ध तंत्र का स्थिर एवं निश्चित मत है कि इस वर्तमान आधुनिक युग में मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी अध्यापन इसलिए आवश्यक होना चाहिये क्योंकि हम विशिष्ट बौद्विक सम्पदा को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें तथा प्रशिक्षित, अनुशासित भावी पीढ़ी का निर्माण कर सकें, ताकि विद्यार्थियों को अपना कैरियर्स बनाने का अवसर इस शिक्षा के द्वारा उपलब्ध हो सकें | भारत में इस प्रकार की शिक्षा की सर्वाधिक आवश्यकता है |

महाविद्यालय प्रशासन का निरन्तर यह प्रयास है कि हम देश को अनुशासित नागरिक प्रदान करते रहें, प्रगति की दिशा में निरन्तर अग्रसर होते रहें तथा इस क्षे़त्र के गणमान्य नागरिकों की प्रशंसा प्राप्त करते रहें |

विगत वर्षो में हमारे विद्यालय द्वारा चलाये जा रहे पाठ्यक्रम में छात्र एवं छात्राओं का परीक्षाफल शत-प्रतिशत रहा | जिसके फलस्वरूप महान उपलब्धि के रूप में बी0 कॉम0 संस्थागत का स्वकेंद्र, बी0 कॉम0 व एम0 कॉम0 की व्यक्तिगत परीक्षा केन्द्र विश्वविद्यालय द्वारा हमे दिया गया | इसके लिये हम डिबाई क्षे़त्रवासियों के सहयोग, आशीर्वाद एवं प्रभु कृपा के लिये हृदय से ऋणी हैं | विश्वविद्यालय से हमें भविष्य में (बी0 सी0 ए0 व बी0 बी0 ए0) पाठ्यक्रम हेतु स्वकेंद्र परीक्षा हेतु स्वीकृत होने की पूरी-पूरी आशा है |

प्रबंध समिति व प्राचार्य महाविद्यालय के निरंतर विकास हेतु सदैव प्रयासरत है……..